लव जेहाद : गलती सिर्फ गुनहगार और समाज की लड़कियों की कोई गलती वाकई में नहीं......
यह हर उस कहानी का सारांश है जिसमे प्यार मोहब्बत की चादर में लिपटी बस हवस और गुनाह होता है। जहां पर हैवानियत भी उस चरम सीमा पर होती है जहां इन्सानियत क्या पशुता भी अपना दम तोड देती है। जहां धर्म का चोला ओढ़कर प्यार के एक दो गीत गाकर एक लड़की को शिकार बनाया जाता है फिर उसका धर्मांतरण करके या तो उसे आतंकवादी गतिविधि में लगा दिया जाता है या फिर अपनी हवस का शिकार बनाने के बाद उसे इतनी बेरहमी से मारा जाता है जिसमे खुद मौत भी शर्मशार हो जाती है।जब इस सच्चाई से समाज को रूबरू कराने का प्रयास किया जाता हैं तो विशेष धर्म के लोग इसे राजनीतिक प्रोपेगंडा या असहिष्णु बताकर विरोध जताने लगते हैं तो वही दूसरी तरफ कुछ लोग इसे समझ कर इसको प्रोत्साहित करते हैं तो कुछ लड़कियों के लिए अब भी यह सब झूठ और बकवास होती है।उनका बस यही मानना होता है कि " हमारा वाला ऐसा नहीं है" उनके मुंह से निकले यह शब्द उनका दर्दनाक भविष्य तो तय करते ही हैं साथ ही उनकी परवरिश पर उंगली उठाने का मौका लोगों को देते हैं।अपनी संस्कृति को अपनी परवरिश को मां बाप की सिखाई बातों को भूल कर जब वो इस राह पर चलकर खुद के अस्तित्व को ल...